धोनी ने कहा, ‘अगर मेरा एक पैर नहीं रहेगा तब भी पाकिस्तान के खिलाफ खेलूंगा’

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नई दिल्ली : पिछले साल एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के बीच एक मैच खेला जाना था. इस मैच से पहले तत्कालीन भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी चोटिल हो गए. यह तय माना जा रहा था कि वह इस मैच में नहीं खेल पाएंगे, लेकिन चोटिल होने के बावजूद धोनी ने न सिर्फ यह मैच खेला बल्कि टीम को इसमें जीत भी दिलाई. यह खुलासा भारतीय टीम के मुख्य चयनकर्ता एम.एस.के. प्रसाद ने किया है. प्रसाद ने खुलासा किया है कि महेंद्र सिंह धोनी अपने खेल के प्रति कितने समर्पित हैं. एक इवेंट में शिरकत करने पहुंचे प्रसाद ने बताया कि बांग्लादेश में एशिया कप के दौरान भारत का पाकिस्तान के साथ मैच होना था. वहीं, धोनी को पीठ में चोंट थी लेकिन फिर भी उन्होंने आराम करने के बजाए फील्ड पर जाकर अपने प्रतिद्वंदवी का सामना किया. धोनी का कहना था कि अगर उनका एक पैर नहीं भी होगा तब भी वे पाकिस्तान के खिलाफ खेलेंगे.

प्रसाद ने बताया कि उस मैच में धोनी की जगह खेलने के लिए दूसरे खिलाड़ी को भी तैयार लिया गया था. जब प्रसाद ने धोनी से मैच के बारे में बात की तो धोनी ने उनसे कहा, ‘आप चिंता न करें क्योंकि अगर मेरा एक पैर भी टूट जाता है, तब भी मैं पाकिस्तान के खिलाफ खेलूंगा.’

एम.एस.के. प्रसाद ने तमिलनाडु खेल पत्रकार संघ (टीएनएसजीए) के वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान फरवरी 2016 में ढाका में खेले गए एशिया कप के वक्त घटी इस घटना का जिक्र किया. इस बारे में प्रसाद ने कहा, ‘एक रात जिम में अभ्यास करते हुए धोनी ने वजन उठाया और अचानक उनकी पीठ में दर्द हुआ. धोनी एक भारी वस्तु के साथ गिर गए. सौभाग्य से वह वस्तु उन पर नहीं गिरी. उस दौरान धोनी चल भी नहीं पा रहे थे और उन्हें स्ट्रेचर पर उठाना पड़ा.’

प्रसाद ने बताया कि वह किसी तरह का खतरा नहीं उठाना चाहते थे, इसलिए उन्होंने विकल्प के रूप में पार्थिव पटेल को बुला दिया था, मगर धोनी मैच खेलने के लिए तैयार थे. प्रसाद ने कहा, ‘दोपहर बाद टीम की घोषणा से पहले धोनी मैच खेलने के लिए तैयार हो गए थे. उन्होंने मुझे अपने कमरे में बुलाया और पूछा कि मैं इतना ज्यादा चिंतित क्यों हूं. इसके बाद धोनी ने कहा कि अगर उनका एक पांव भी टूट जाता है, तब भी वह पाकिस्तान के खिलाफ खेलेंगे.

प्रसाद ने कहा कि इस घटना के बाद मैं ढाका पहुंचा तो पत्रकार मुझसे धोनी को लेकर सवाल करने लगे लेकिन मेरे पास कोई जवाब नहीं था. मैं धोनी के पास गया और उनके रिपलेस्मेंट के लिए पूछा तो उन्होंने काह चिंता मत करिए प्रसाद भाई. इसके बाद धोनी से मैच को लेकर एक दो बात और पूछी उन पर भी उन्होंने बहुत ही शांती से कहा कि चिंता मत करिए प्रसाद भाई. अगले दिन पाकिस्तान के साथ मैच होना था जो कि सबके लिए बहुत अहम था. प्रसाद जानते थे कि इस खेल का क्या महत्व था इसलिए वे काफी चिंतित थे कि धोनी के बिना कैसे खेल पाएंगे. एक चयनकर्ता होने के नाते धोनी को मैच से पहले चोट लगना एक बहुत बड़ा मुद्दा था इसलिए मैंने धोनी की चिंता न करने वाली बात पर गौर न करके चीफ सिलेक्टर संदीप पाटिल को घटना की जानकारी दी.

उन्होंने कहा मैं रात को फिर से धोनी के कमरे में गया तो वे वहां नहीं थे. इसके बाद मैंने देखा कि धोनी स्वीमिंग पूल के पास चलने की कोशिश कर रहे थे. मैं यह सोच रहा था कि इतनी चोट के बाद भी धोनी खेलने के बारे में क्या सोच सकते हैं जबकि वे ठीक से चल भी नहीं पा रहे थे. मैच वाले दिन हम यह देखकर हैरान रह गए कि धोनी मैच के लिए अपने पैड बांधकर बिल्कुल तैयार थे.

पार्थिव पटेल को हम धोनी की जगह ला रहे थे लेकिन दोपहर को पार्थिव का नाम लेने से पहले ही धोनी खेलने के लिए पूरी तरह से तैयार हो गए थे. धोनी ने मुझे अपने कमरे में बुलाया और कहा कि आप इतनी चिंता क्यों कर रहे हैं. अगर मेरा एक पैर भी नहीं होगा तो भी में पाकिस्तान के खिलाफ खेलूंगा. इसके बाद धोनी के नेतृत्व में उनकी टीम ने पाकिस्तान को करारी शिकस्त दी

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