गठबंधन में गांठ : कैबिनेट मीटिंग के बाद नीतीश, तेजस्वी और तेजप्रताप की अलग से बैठक

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पटना: बिहार में चल रहे राजनीतिक संकट में कयासों का दौर जारी है. बिहार कैबिनेट मीटिंग के बाद नीतीश, तेजस्वी और तेजप्रताप ने अलग से बैठक की जिससे नए कयासों को बल मिला है. ये बैठक करीब 45 मिनट तक चली. हालांकि, बैठक में क्या निर्णय लिया गया, इसकी अभी कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है.  लालू परिवार पर सीबीआई छापेमारी के बाद नीतीश कुमार की तेजस्वी के साथ यह पहली बैठक है. खबर आई थी कि तेजप्रताप और तेजस्वी ने कार्यालय जाना छोड़ दिया है और उनके विभागों की महत्वपूर्ण फाइलें उनके घर पर जा रही हैं.

माना जाता है कि फिलहाल, तेजस्वी यादव के इस्तीफ़े के लिए कांग्रेस पार्टी को ज़िम्मा दिया गया है. बताया जाता है कि बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष अशोक चौधरी इस मुद्दे पर मध्यस्थता की भूमिका में लालू और नीतीश से कई दौर की बातचीत कर चुके हैं. लेकिन कांग्रेस ने लालू यादव के घर पर 7 जुलाई को हुई सीबीआई छापेमारी को राजनीति से प्रेरित बताया था वहीं अब तेजस्वी के मुद्दे पर कह रही है कि राजद को अपना रुख नरम कर महागठबंधन के हित में निर्णय लेना चाहिए.

कांग्रेस तेजस्वी का इस्तीफ़ा चाहती है लेकिन सार्वजनिक रूप से बोल नहीं सकती. क्योंकि खुद कांग्रेस में कई मिसाल हैं जहां नेता पर आरोप लगने के बावजूद वे सत्ता में पद पर बने रहे. कांग्रेस को मालूम है कि इस बार उनका वास्ता एक तरफ नीतीश कुमार से पड़ा है जो भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करते और दूसरी तरफ लालू यादव हैं जो कई मामलों में आरोपी और चारा घोटाले के एक मामले में दोषी क़रार दिए जाने के बाद भी भ्रष्ट आचरण करने से परहेज नहीं करते.

सुशील मोदी ने फिर लगाए आरोप  
बीजेपी नेता सुशील मोदी आरजेडी परिवार पर हमला जारी रखे हुए हैं. उन्होंने कहा कि 2013-14 में ‘मूंछ वाले’ तेजस्वी यादव ने 13 बेनामी संपत्तियों का मालिकाना हक लिया. उन्होंने तेजस्वी यादव के उस बयान के जरिए भी हमला किया जिसमें उन्होंने कहा था कि मेरी मूंछ भी नहीं आई थी तब के केस सुशील मोदी उठा रहे हैं. लेकिन आज मोदी ने कहा कि ये मामले उनके मूंछ आ जाने के बाद है.

उधर, राष्ट्रीय जनता दल का कहना है कि उनकी पार्टी ने पिछले हफ़्ते ये निर्णय ले लिया कि तेजस्वी के इस्तीफ़ा का सवाल नहीं है. अब जनता दल यूनाइटेड का कहना है कि उनकी पार्टी ने अब तक इस मुद्दे पर संयम से काम लेते हुए महागठबंधन धर्म निभाते हुए इस्तीफे की मांग नहीं की लेकिन ये अनिश्चित काल के लिए नहीं माना जा सकता.

 

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